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जल संसाधन विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री साय ने दिए निर्देश, सिंचाई कार्यों में लापरवाही नहीं चलेगी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश में संचालित तथा प्रस्तावित सिंचाई योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सिंचाई अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जाना अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है और सिंचाई परियोजनाएं इस दिशा में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी या निर्माण में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। विशेष रूप से अटल सिंचाई योजना के अंतर्गत शामिल लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बताया कि खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में आधुनिक और टिकाऊ सिंचाई व्यवस्था विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिंचाई योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी और इसके लिए आवश्यक बजट पहले ही सुनिश्चित किया जा चुका है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश में सिंचित क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी।

बैठक में जानकारी दी गई कि आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 14 बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे करीब 70 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके तहत चार प्रमुख परियोजनाओं—बस्तर क्षेत्र की देउरगांव और मटनार बैराज, रायपुर जिले के आरंग विकासखंड की मोहमेला–सिरपुर बैराज योजना तथा गरियाबंद जिले की सिकासार–कोडार जलाशय लिंक परियोजना—का जल्द ही भूमिपूजन प्रस्तावित है।

इसके साथ ही अटल सिंचाई योजना के अंतर्गत 115 लंबित परियोजनाओं के लिए 346 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे लगभग 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित होगी। बैठक में महानदी जल विवाद, पोलावरम परियोजना से जुड़े डुबान क्षेत्र तथा समक्का बैराज जैसे अंतरराज्यीय जल मुद्दों पर भी चर्चा हुई और इनके समाधान के लिए समन्वित प्रयासों पर सहमति बनी।

इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव मुकेश बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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